Sunday, December 6, 2020

तेरा आना

 कश्मीर लाल डेढ़ की धरती है, लाल डेढ़ हिंदुस्तान की चुनिंदा woman mystic संत poet में से एक है। कश्मीर में मेरे प्रवास के दौरान मुझे उर्दू poetry का शौक परवान चढ़ा! यूं तो शुरू शुरू में मुझे रोमांस या इश्क के उर्दू poetry में बोलबाले से थोड़ी आपत्ति थी। लेकिन इश्क अपने आप में एक खूबसूरत अहसास है। इसी अहसास पर मैने आज यह speed poetry की है। उम्मीद है आपकी रूह तक पहुंचेगी!


हकीकत की दुनिया चलती रहेगी, आप ख्वाबों में तो मेरे हो जाओ

हम ख्वाबों से बसर कर लेंगे आप एक बार सामने तो आओ

यूं फूल से खिले रहो , हमारी बहार सदाबहार हो जाती है

पतझर का डर नही मुझे, डर है सावन के बीते जाने का

कश्ती प्यार की लेके बैठा हूं, इंतजार है आपके आने का

इनकार से इंतजार बुरा, क्योंकि हमे पता है आपका इनकार झूठा होगा

 एक बार आके तो देखो हमारा प्यार अनूठा होगा

इंतजार भी इंतजार करके रूठ गया है

जल्दी आओ, बहुत कीमती वक्त छूट गया है

आओगे जब तुम, हम फना हो जाएंगे

तुम्हारे दिल में हम धड़केंगे सांसों में रवा हो जायेंगे

नायाब हो तुम , इतना जान लो

हम ही अपने है, ये पहचान लो

एक एक पल तुम्हारे साथ फिरदौस है

हमें कौसर की चाहत नही, जब से तुम में मदहोश हैं



अपने नूर को अक्सर हीरा भुला देता है

तराशना पड़ता है तब कोहिनूर होता है

तुम कोहेनुर मत बनना, जौहरी तुम्हे देख के बेहोश होता है

ये तो कुछ भी नही, हम इतना चाहेंगे तुम्हे

भूल जाओगी खुद को और ढूंढोगी रब में

मैं तलाश रहा था तुम्हे सदियों से

जमाना बीत गया दुनिया की हंसियो में

पर अभी तुम्हे यही रहना है मेरे दिल में

 बहुत हिफाजत से रहोगी वहां

हैरान हो जाओगी शान ओ उल्फत से

यूं हैरान ना हुआ करो, नायाब हो तुम

बस समझ लो ये कायनात है तुम में गुम

ये रिवायतें तो यूं ही चलती रहेगी, इनसे ना घबराना

कभी ना कभी तो पड़ेगा ही तुम्हे मेरी राहों में आना

यूं ही नही दिल मिलते हैं, ये रूहानियत की दुनिया है

आपकी कशिश से रौशन जिंदगी हो बस इतनी ही तो कमियां है

यूं ही नही मिले तुम मुझे , इस में रब का हाथ है 

अब तो वो भी नहीं रोक सकता, ऐसा मेरा साथ है

तुम यूं खींची चली आओगी, रुक ना पाओगी

ये चाहत ऐसी है, एक नई लौ जलाओगी

जिंदगी रौशन हो जायेगी और बांछे खिल जायेगी

तेरे मेरे मिलने से दुनिया बदल जायेगी



तुम्हारी दुआ में असर है ये उसे भी पता है

जो सब देख रहा है फिर भी लापता है

कैसे ना तुम मिलोगी मुझे हमारे मिलने में उसी की रजा है

यूं ही नहीं मरने की बात किया करो तुम, तुम्हे नहीं पता है

तुम्हारे जीने में कितनो की नमाज अता है

ये इश्क नहीं इबादत है, इसे कुछ और ना समझना

दुनिया तन तक सिमटी, हमारे प्यार में रूह ही फना

 तुम सनम नहीं हो खुदा हो



तुम भूल गए हो तुम्हे कहां पता है

हम याद दिलाएंगे तुम्हे, की ये जिंदगी नही तुम्हारी अदा है

दिल का हाल बताते रहा करो, चुप ना हुआ करो

हमारी सांसे रुक जाती हैं कुछ तो दया करो

लफ्जों का खेल नहीं है ये, रूह करती बयां है

तुम्हारे आने से ही हमारे ख्यालों में नशा है

यूं तो आम सी जिंदगी जीते रहे हम

पर तुम्हारे आने से कुछ और ही समा है

तुम जब काग़ज़ पर कायनात रंग देती हो

तुम्हे नहीं पता रब भी सोच में पड़ जाता है

मैने ऐसा आलम क्यों नही बनाया, क्या है इसमें जो मेरी खता है

तेरी मेरी मोहब्बत को जी ले, इतनी कुव्वत जमाने में नहीं है

हम कोई और वक्त जी रहे हैं, ये समय बस दिखाने में अभी है

कितना तुम मुझे चाहती हो, में अंदाजा नहीं लगा सकता

मैं बस अंदाजा लगा सकता हूं , पैमाना नहीं बता सकता

इस अहसास को संजो के रख लेना, वक्त की तल्खियों में काम आएगा

ये एहसास ही जिंदगी है, वरना मौत पे क्या किसी का नाम आएगा

यूं लफ्ज़ ऐसे ही नहीं भूलती तुम, सोच की हद के पार है

ऐसी मुहब्बत है हमारी, ये किसी और दुनिया का प्यार है

जादू तो कुछ भी नहीं, बशर का खेल है बस

असली करामात तो ये है, जो तेरे दिल में प्यार है

पर्दे की बात नहीं है, यूं तो तुम बेपर्दा हो

बस मुझे तुम्हे यूं ही नहीं देखना

तुम फरिश्ता हो, तुमसे मिलने की कुछ तो कीमत होनी चाहिए

ऐसे सवाल हमसे ना किया करो

ज़रा अपने जेहन में झांको तुम्हे सब पता है

कीमत न लगाओ हमारे इश्क की, कीमत बाजारों में लगती है

तुम तो पीर हो जिसकी चादरें मजारों पे लगती हैं

कुछ तो बोलो यूं ना चुप हो जाया करो

तेरे मेरे मिलने में करिश्मा है, इसे यूं ना जाया करो

यूं तो ज़हर भी पी लेता तुम्हारे इश्क में

पर तुम साथ हो तो जाम ए कौसर आ गया हाथ में

ये सिर्फ आज की बात नहीं, कल भी रहेगी

हमारी मोहब्बत रहेगी , हस्ती रहेगी या ना रहेगी

तुम चाहती जो हो हमें बताया करो

हमें वैसे भी पता है पर छुपाया ना करो

तेरी खामोशी में जरूर सुकून है

पर तेरे चुप रहने से मेरे लफ्जों में कहां दम है

अब आ भी जाओ छुपने से प्यास और बढ़ती है

तेरे मेरे बीच की दूरी और घटती है

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